श्री बालकृष्ण जी की आरती – Balkishan ji ki Aarti

श्री बालकृष्ण जी (Balkishan ji ki Aarti mp3)

Balkishan ji ki Aarti – बहुत सारे भक्त अपने घर में कृष्ण के बाल (Krishna ji ki Aarti in Hindi) रूप को घर में बैठकर उनकी पूजा अर्चना करते है| लड्डू गोपाल जी की सेवा और पूजा विधि विशेष है और कुछ मुख्य नियमो का इसमे पालन करना चाहिए | इन्हे एक छोटे से अबोध बालक की तरह मानकर इनका अच्छे से ध्यान रखा जाना चाहिए | आइये अब जाने नित्य पूजा में बाल गोपाल की कौनसी आरती काम में ली जाती है |

श्री बालकृष्ण जी – Krishna ji ki Aarti Lyrics

आरती बालकृष्ण की कीजै |

अपनों जनम सुफल करि लीजै |

श्रीयशुदा को परम दुलारौ |

बाबा की अखियन कौ तारो ||

गोपिन के प्राणन को प्यारौ |

इन पै प्राण निछावरी कीजै |

आरती बालकृष्ण की कीजै ||

बलदाऊ कौ छोटो भैया |

कनुआँ कहि कहि बोलत मैया |

परम मुदित मन लेत वलैया |

यह छबि नयननि में भरि लीजै |

आरती बालकृष्ण की कीजै ||

श्री राधावर सुघर कन्हैया |

ब्रजजन कौ नवनीत खवैया |

देखत ही मन नयन चुरैया |

अपनौ सरबस इनकूं दीजे |

आरती बालकृष्ण की कीजै ||

तोतरि बोलनि मधुर सुहावै |

सखन मधुर खेलत सुख पावै |

सोई सुकृति जो इनकूं ध्यावै |

अब इनकूं अपनों करि लीजै |

आरती बालकृष्ण की कीजै ||

Leave a Comment