भागवत भगवान की आरती – Bhagwat Bhagwan ki Aarti

भागवत भगवान की आरती – Bhagwat Bhagwan ki Aarti 

Bhagwat Bhagwan Ki Aarti – मनुष्य के जीवन में भागवत का बड़ा महत्व है।(Bhagwat Bhagwan Ki Hai Aarti) इसमें भक्त, भगवान एवं स्थान का वर्णन होता है। मनुष्य का मन और बुद्धि निर्मल होने पर ही ज्ञान की बातें समझ में आती हैं। ( Shri Bhagwat Bhagwan Ki Aarti lyrics) चरित, परीक्षित मोक्ष प्रसंग का वर्णन किया गया (Bhagwat Bhagwan Ki Hai Aarti Papiyo Ko Paap Se Hai Tarti)आदमी को मन व बुद्धि को शांत और एकाग्र करके हरि भक्ति में लगाना चाहिए। भागवत कथा में सुदामा (Bhagwat Bhagwan Ki Aarti lyrics) चरित, परीक्षित मोक्ष प्रसंग का वर्णन किया गया (Bhagwat Bhagwan Ki Hai Aarti Papiyo Ko Paap Se Hai Tarti)जो हमारे मन को एकाग्र करने में हमारी सहायता करते है।

 Bhagwat Bhagwan ki Aarti Lyrics

आरती अतिपावन पुराण की |

धर्म – भक्ति – विज्ञान – खान की || टेक ||

महापुराण भागवत निर्मल |

शुक-मुख-विगलित निगम-कल्ह-फल ||

परमानन्द-सुधा रसमय फल |

लीला रति रस रसिनधान की || आरती०

कलिमल मथनि त्रिताप निवारिणी |

जन्म मृत्युमय भव भयहारिणी ||

सेवत सतत सकल सुखकारिणी |

सुमहैषधि हरि चरित गान की || आरती०

विषय विलास विमोह विनाशिनी |

विमल विराग विवेक विनाशिनी ||

भागवत तत्व रहस्य प्रकाशिनी |

परम ज्योति परमात्मा ज्ञान को || आरती०

परमहंस मुनि मन उल्लासिनी |

रसिक ह्रदय रस रास विलासिनी ||

भुक्ति मुक्ति रति प्रेम सुदासिनी |

कथा अकिंचन प्रिय सुजान की || आरती

https://youtu.be/zklgtC-BDkw

Leave a Comment