दुःख में मत घबराना पंछी, ये जग दुःख का मेला है …

दुःख में मत घबराना पंछी भजन-Dukh Me Mat Ghabrana Mp3 Song Download

Dukh Me Mat Ghabrana Lyrics

दुःख में मत घबराना पंछी
दुःख में मत घबराना पंछी

ये जग दुःख का मेला है
ये जग दुःख का मेला है

नन्हे कोमल पंख ये तेरे
और गगन की ये दुरी
बैठ गया तो कैसे होगी
मन की अभिलाषा पूरी

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उसका नाम अमर है जग में
जिसने संकर झेला है
चाहे भीड़ बड़ी अम्बर पर
उड़ना तुझे अकेला है

चतुर शिकारी ने रक्खा है
जल बिछा कर पग पग पर
फस मत भूल से पगले
पछतायेगा जीवन भर

मोह माया में तू मत फसना
बड़ा समझ का खेला है
चाहे भीड़ बड़ी अम्बर पर
उड़ना तुझे अकेला है

जब तक सूरज आसमान पर
बढ़ता चल तू बढ़ता चल
घिर जायेगा अंधकार
बड़ा कठिन होगा पल पल

किसे पता की उड़ जाने की
आज़ादी कब बेला है
चाहे भीड़ बड़ी अम्बर पर
उड़ना तुझे अकेला है

दुःख में मत घबराना पंछी
दुःख में मत घबराना पंछी
ये जग दुःख का मेला है
चाहे भीड़ बड़ी अम्बर पर
उड़ना तुझे अकेला है

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