आरती श्री गंगा जी की – Ganga ji ki Aarti

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 श्री गंगा जी आरती – Ganga ji Aarti Mp3 Download

Ganga ji ki Aarti – मां गंगा को नदियों में सबसे पवित्र और पूज्‍यनीय माना गया है (Ganga Maiya ki Aarti) इनके पावन जल में स्‍नान करने से सारे कष्‍ट दूर हो जाते ह‍ैं और जन्‍मों के पाप भी धुल जाते हैं…मां गंगा के हर किनारे पर होने वाली मां की आरती हर किसी के जीवन को सुख और समृद्धि से भर देती है.

गंगा जी आरती – Ganga Maiya ki Aarti

ॐ जय गंगे माता, श्री जय गंगे माता

जो नर तुमको ध्याता, मनवांछित फ़ल पाता. ॐ जय …

चन्द्र-सी ज्योति तुम्हारी, जल निर्मल आता

शरण पड़े जो तेरी, सो नर तर जाता. ॐ जय …

पुत्र सगर के तारे, सब जग को ज्ञाता

कृपा दृष्टि हो तुम्हारी, त्रिभुवन सुखदाता. ॐ जय…

एक बार जो प्राणी, शरण तेरी आता

यम की त्रास मिटाकर, परमगति पाता. ॐ जय…

आरती मातु तुम्हारी, जो नर नित गाता

सेवक वही सहज में, मुक्ति को पाता. ॐ जय..

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