श्री गीता जी की आरती – Geeta ji ki Aarti

श्री गीता जी की आरती (Geeta ji ki Aarti Mp3)

Geeta ji ki Aarti – सभी ग्रंथों में से श्रीमद् भगवद् गीता को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इसमें व्यक्ति के जीवन का सार है, गीता मनुष्य को कर्म का महत्व समझाती है। गीता में श्रेष्ठ मानव जीवन का सार बताया गया है।

गीता जी की आरती – Geeta ji ki Aarti

करो आरती गीता जी की ||

जग की तारन हार त्रिवेणी, स्वर्गधाम की सुगम नसेनी |

अपरम्पार शक्ति की देनी, जय हो सदा पुनीता की ||

ज्ञानदीन की दिव्य-ज्योती मां, सकल जगत की तुम विभूती मां |

महा निशातीत प्रभा पूर्णिमा, प्रबल शक्ति भय भीता की || करो०

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अर्जुन की तुम सदा दुलारी, सखा कृष्ण की प्राण प्यारी |

षोडश कला पूर्ण विस्तारी, छाया नम्र विनीता की || करो० ||

श्याम का हित करने वाली, मन का सब मल हरने वाली |

नव उमंग नित भरने वाली, परम प्रेरिका कान्हा की || करो० ||

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