जाना था गंगा पार

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जाना था गंगा पार भजन-Jana Tha Ganga Paar Bhajan In Hindi Mp3

Jana Tha Ganga Paar Bhajan Lyrics

कभी कभी भगवान को भी, भक्तों से काम पडे |

जाना था गंगा पार, प्रभु केवट की नाव चढें…..

अवध छोड प्रभु वन को धायें, सियाराम लखन गंगा तट आये,

केवट मन ही मन हरषायें, घर बैंठे प्रभु दर्शन पाये |

हाथ जोड कर प्रभु के आगे, केवट मगन खडें ||जाना था गंगा पार..

प्रभु बोले तुम नाव चलाओ, पार हमें केवट पहुँचाओं,

केवट कहता सुनो हमारी, चरण धूली की माया भारी |

मैं गरीब हूँ नैया मेरी, ना नारी होय पडे..|| जाना था गंगा पार..

केवट दौड के जल भर लाये, चरण धोये चरणामृत पाया,

वेद ग्रंथ जिनके यश गाये, केवट उनको नाव चढायें |

बरसे फ़ूल गगन से ऐसे, भक्त के भाग बढ़े ||जाना था गंगा पार..

चली नाव गंगा की धारा, सियाराम लखन को पार उतारा,

प्रभु देने लगे नाव उतराई, केवट कहे नही रघुराई |

पार किया मैने तुमको, अब तू मोहें पार करे || जाना था गंगा पार..

कभी कभी भगवान को भी, भक्तों से काम पडे |

जाना था गंगा पार, प्रभू केवट की नाव चढें ||

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