श्री कालीमाता की आरती – Kaali Mata ki Aarti

श्री कालीमाता आरती (Kali Mata ki Aarti Mp3 download)

Kaali Mata ki Aarti – मां काली संहार और विजय की देवी हैं (Maa Kali ki Aarti) जिन्‍होंने कई बुरी शक्तियों का वध कर अच्‍छाई को बनाएं रखने का बीड़ा उठाया था. शक्ति की देवी मां की पूजा करने से (Kali Mata ki Aarti Lyrics) इंसान का मन सचेत और मजबूत बनता है…इनकी आराधना से मनुष्य के सभी भय दूर हो जाते हैं. मां काली जी की आरती (Kalika mata ki Aarti) से उनकी वंदना की जाती है.

कालीमाता आरती – Maa Kali ki Aarti

मंगल की सेवा सुन मेरी देवा, हाथ जोड तेरे द्वार खडे।

पान सुपारी ध्वजा नारियल ले ज्वाला तेरी भेट करे.

सुन जगदम्बा न कर विलम्बा, संतन के भडांर भरे।

सन्तन प्रतिपाली सदा खुशहाली, जय काली कल्याण करे ।।

बुद्धि विधाता तू जग माता, मेरा कारज सिद्व करे।

चरण कमल का लिया आसरा शरण तुम्हारी आन पडे

जब जब भीड पडी भक्तन पर, तब तब आप सहाय करे ।। संतन…..

गुरु के वार सकल जग मोहयो, तरूणी रूप अनूप धरे.

माता होकर पुत्र खिलावे, कही भार्या भोग करे

शुक्र सुखदाई सदा सहाई संत खडे जयकार करे ।। संतन…

ब्रह्मा विष्णु महेश फल लिये भेट तेरे द्वार खडे.

खड्ग खप्पर त्रिशुल हाथ लिये, रक्त बीज को भस्म करे

शुम्भ निशुम्भ को क्षण मे मारे ,महिषासुर को पकड दले ।।

आदित वारी आदि भवानी, जन अपने का कष्ट हरे ।। संतन…

कुपित होकर दानव मारे, चण्डमुण्ड सब चूर करे

जब तुम देखो दया रूप हो, पल मे सकंट दूर करे

सौम्य स्वभाव धरयो मेरी माता, जन की अर्ज कबूल करे ।। संतन…

सात बार की महिमा बरनी, सब गुण कौन बखान करे

सिंह पीठ पर चढी भवानी, अटल भवन मे राज्य करे

दर्शन पावे मंगल गावे, सिद्ध साधन तेरी भेट धरे ।। संतन…

ब्रह्मा वेद पढे तेरे द्वारे, शिव शंकर हरी ध्यान धरे

इन्द्र कृष्ण तेरी करे आरती, चॅवर कुबेर डुलाया करे

जय जननी जय मातु भवानी, अटल भवन मे राज्य करे।।

सन्तन प्रतिपाली सदा खुशहाली, मैया जै काली कल्याण करे।।

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