मनमोहन कान्हा

मनमोहन कान्हा विनती करूँ दिन रेन

रह ताके मेरे नैन

अब तो दरस देदो कुँज बिहारी

मनवा है बेचैन

 नेह की डोरी तुम संग जोरि

हमसे तो नहीं जावेगी तोड़ी

हे मुरली धर कृष्ण मुरारी

तनिक ना आवे चैन

राह ताके मेरे नैन ….

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