रामायण चौपाई – Ramayan Chaupai

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रामायण चौपाई  – Ramayan Chaupaiyan

Ramayan Chaupai – मंगल भवन अमंगल हारी एक अद्भुत रामायण चौपाई है (Ramayan Chaupaiyan) श्री तुलसीदास जी महाराज ने रामचरितमानस मे बहुत ही अच्छे एवं सरल तरीके से लिखी है (Ramayan Chaupai in Hindi) इस चौपाई मे भगवान राम के जीवन का सुन्दर वर्णन किया गया है Ramayan Chaupai Lyrics.

Ramayan Chaupai Lyrics

मंगल भवन अमंगल हारी
द्रवहु सुदसरथ अचर बिहारी
राम सिया राम सिया राम जय जय राम – २

हो, होइहै वही जो राम रचि राखा
को करे तरफ़ बढ़ाए साखा

हो, धीरज धरम मित्र अरु नारी
आपद काल परखिये

हो, जेहिके जेहि पर सत्य सनेहू
सो तेहि मिलय न कछु सन्देहू

हो, जाकी रही भावना जैसी
रघु मूरति देखी तिन तैसी

रघुकुल रीत सदा चली आई
प्राण जाए पर वचन न जाई
राम सिया राम सिया राम जय जय राम

हो, हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता
कहहि सुनहि बहुविधि सब संता
राम सिया राम सिया राम जय जय राम ———
जय सिया राम

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