तुम बसी हो कण कण अंदर

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तुम बसी हो कण कण अंदर (Tum Basi ho Kan kan Aander Bhajan in hindi Mp3)

तुम बसी हो कण कण अंदर माँ, हम ढूढंते रह गये मंदिर में |

हम मूढमति हम अनजाने माँ सार, तुम्हारा क्या जाने || तुम बसी…….

तेरी माया को ना जान सके, तुझको ना कभी पहचान सके |

हम मोह की निंद्रा सोये रहे, माँ इधर उधर ही खोये रहे |

तू सूरज तू ही चंद्रमा, हम ढूढंते रह गये मंदिर में || तुम बसी हो कण कण अंदर

हर जगह तुम्हारे डेरे माँ, कोइ खेल ना जाने तेरे माँ |

इन नैनों को ना पता लगे, किस रुप में तेरी ज्योत जगे |

तू परवत तु ही समंदर माँ, हम ढूढंते रह गये मंदिर में || तुम बसी हो कण कण अंदर

कोइ कहता तुम्ही पवन में हो, और तुम्ही ज्वाला अगन में हो |

कहते है अंबर और जमी, तुम सब कुछ हो हम कुछ भी नहीं

फल फुल तुम्ही तरुवर माँ, हम ढुढंते रह गये मंदिर में || तुम बसी हो कण कण अंदर

तुम बसी हो कण कण अंदर माँ, हम ढुढंते रह गये मंदिर में |

हम मूढमति हम अज्ञानी, माँ सार तुम्हारा क्या जाने ||

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